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साध्यसम

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साध्यसम संज्ञा पुं॰ [सं॰] न्याय में वह हेतु जिसका साधन साध्य की भाँति करना पड़े । जैसे,—पर्वत से धूआँ निकलता है; अत: वहाँ अग्नि है । इसमें 'पर्वत' पक्ष है, 'धूआँ' हेतु है और 'अग्नि' साध्य है । धूएँ की सहायता से अग्नि का होना प्रमाणित किया जाता है । परंतु यदि पहले यही प्रमाणित करना पड़े कि धूआँ निकलता है, तो इसे साध्यसन कहेंगे ।