सान्द्रप्रमेह
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सांद्रप्रमेह संज्ञा पुं॰ [सं॰ सान्द्रप्रमेह] दे॰ 'सांद्रप्रसाद' । उ॰— सांद्रप्रमेह से रात्रि में पात्र में धरने से जैसा होवे ऐसा मूत्र होय ।—माधव॰, पृ॰ १८३ ।
सांद्रप्रमेह संज्ञा पुं॰ [सं॰ सान्द्रप्रमेह] दे॰ 'सांद्रप्रसाद' । उ॰— सांद्रप्रमेह से रात्रि में पात्र में धरने से जैसा होवे ऐसा मूत्र होय ।—माधव॰, पृ॰ १८३ ।