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साफा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साफा संज्ञा पुं॰ [अ॰ साफ़] [स्त्री॰ साफी]

१. सिर पर बाँधने की पगड़ी । मुरेठा । मुड़ासा । यौ॰—साफेबाज = साफा पहननेवाला । उ॰—चाहे साफेबाज, फेटेबाज या अम्मामेबाज ।—प्रेमघन॰, भा॰ ३, पृ॰ २७७ ।

२. शिकारी जानवरों को शिकार के लिये या कबूतरों को दूर तक उड़ने के लिये तैयार करने के उद्देश्य से उपवास कराना । मु्हा॰—साफा देना = उपवास करना । भूखा रखना ।

३. नित्य के पहनने या ओढ़ने के वस्त्रों आदि को साबुन लगाकर साफ करना । कपड़े धोना । (बोल॰) । क्रि॰ प्र॰—देना ।—लगाना । यौ॰—साफा पानी = अवकाश के समय इतमीनान के साथ कपड़ों का धोना और नहाना ।