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सामहिं

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सामहिं पु अव्य॰ [सं॰ सन्मुख] सामने । संमुख । समक्ष । उ॰— तिन सामहिं गोरा रन कोपा । अंगद सरिस पाऊँ भुइँ रोपा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) कोप सिंह सामहिं रन मेला । लाखन सों ना मरै अकेला ।—जायसी (शब्द॰) ।