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सामान्यलक्षण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सामान्यलक्षण संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह गुण या लक्षण जो किसी जाति या वर्ग में समान रूप से पाया जाय [को॰] ।

सामान्यलक्षण संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] वह गुण जिसके अनुसार किसी एक सामान्य को देखकर उसी के अनुसार उस जाति के और सब पदार्थों का बोध होता है । किसी पदार्थ को देखकर उस जाति के और सब पदार्थों का बोध करानेवाली शक्ति । जैसे,—किसी एक गौ या घड़े को देखकर समस्त गौओं या घड़ों का जो ज्ञान होता है, वह इसी सामान्य लक्षण के अनुसार होता है ।