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साम्नी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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साम्नी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का छंद ।

२. जानवरों को बाँधने की रस्सी [को॰] ।

साम्नी अनुष्टुप् संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें १४वर्ण होते हैं ।

साम्नी उष्णिक् संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें १४ वर्ण होते है ।

साम्नी गायत्री एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें १२ वर्ण होते हैं ।

साम्नी जगती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें २२ संपूर्ण वर्ण होते है ।

साम्नी त्रिष्टुप् संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें २२ संपूर्ण वर्ण होते हैं ।

साम्नी पंक्ति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ साम्नी पङक्ति] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें २० संपूर्ण वर्ण होते हैं ।

साम्नी बृहती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार का वैदिक छंद जिसमें १८ संपूर्ण वर्ण होते हैं ।