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सारध

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सारध संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह मधु जो मधुमक्खी तरह तरह के फूलों से संग्रह करती है । विशेष—वैध्यक में यह लघु, रुक्ष, शीतल, कमल और अर्श रोग का नाशक, दीपन, बलकारक, अतिसार, नेत्र रोग तथा घाव में हितकर कहा गया है ।