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सार्ववैद्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सार्ववैद्य संज्ञा पुं॰ [दे॰]

१. वह ब्राह्मण जिसे चारों वेदों का ज्ञान हो । संपूर्ण वेदों का ज्ञाता ब्राह्मण ।

२. समग्र वेद । चारो वेद [को॰] ।