सिकली
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सिकली संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ श्रृङ्खला, हि॰ सौकल] करधनी । मेखला । कमर में पहनने की जंजीर । उ॰— खुटी सिंकली सूता एकावटी चुलि वलया मेषला त्रिका । — वर्ण, पृ॰४ ।
सिकली संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ सैक़ल] धारदार हथियारों को माँजने और उनपर सान चढा़ने की क्रिया । उ॰—सकल कबीरा बोलै बीरा अजहूँ हो हुसियारा । कह कबीर गुरु सिकली दरपन हरदम करौ पुकारा ।—कबीर (शब्द॰) ।