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सिगरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिगरा पु † ^१ वि॰ [सं॰ समग्र] [वि॰ स्त्री॰ सिगरी] सब । संपूर्ण । सारा । उ॰—(क) त्यों पदमाकर साँझही ते सिगरी निशि केलि कला परगासी । —पद्माकर (शब्द॰) । (ख) सिगरे जग माँझ हँसावत हैं । रघुबंसिन्ह पाप नसावत हैं ।—केशव (शब्द॰) ।

सिगरा पु † ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सगुरु] सगुरा । दीक्षित । उ॰—अरे हाँ रे पलटू निगरा सिगरा आहि कहो कोइ रोगी भोगी ।— पलटू॰,पृ॰ ७६ ।