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सिङ्गरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिंगरा † संज्ञा पुं॰ [हि॰ सीग+रा (प्रत्य॰)] दे॰ 'सिंगड़ा' उ॰— (क) तन बंदूक सुमति कै सिंगरा ज्ञान के गज ठहकाई ।—पलटू॰, भा॰ ३, पृ॰४० । (ख) रंजक दानी, सिंगरा तूलि पलीता दानी । — प्रेमधन॰, भा॰ १ पृ॰१३ ।