सिज्या
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सिज्या † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ शय्या, प्रा॰ सिज्जा] दे॰ 'शय्या', 'सेज' । उ॰—कोऊ सिज्या सम्हारत है ।—दो सौ बावन॰, भा॰ १, पृ॰ ३३ । यौ॰—सिज्या भोग = वह भोग जो भगवान् को शयन कराने के उपरांत सिरहाने रखा जाता है । उ॰—वाकों श्रीनाथजी एक दिन सिज्या भोग को लडुवा उहाँई दियो ।—दो सौ बावन॰, भा॰ १, पृ॰ २११ ।