सिताव
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सिताव संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] बरसात में उगनेवाला एक पौधा जो दवा के काम आता है । सर्पदंष्ट्रा । पीतपुष्पा । विषापहा । दूर्वपत्रा । त्रिकोणबीजा । विशेष—यह पौधा हाथ डेढ़ हाथ ऊँचा और झाड़दार होता है । इसकी पत्तियाँ दूब से मिलती जुलती होती हैं । इसके डंठल भी हरे रंग के होते हैं । इसका मूसला कत्थई रंग का और बहुत बारीक रेशों से युक्त होता है । इसमें अंगुल डेढ़ अंगुल घेरे के गोल पीले फूल लगते हैं । इसके फलों की नोक पर बैगनी रंग का लंबा सूत सा निकला होता है । फलों के भीतर तिकोने कत्थई रंग के बीज होते हैं । यही बीज विशेषत: औषध के काम में आते हैं और 'सिताब' के नाम से बिकते हैं । ये बहुत कड़वे और गंधयुक्त होते हैं । पौधे की जड़ और पत्तियाँ भी दवा के काम में आती हैं । वैद्यक में सिताब गरम, कड़वी, दस्तावर तथा वात, कफ को नाश करनेवाली, रुधिर को शुद्ध करनेवाली, बल, वीर्य और दूध को बढ़ानेवाली तथा पित्त के रोगों में लाभकारी कही गई है ।