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सिद्धशिला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिद्धशिला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] जैन मत के अनुसार ऊर्घ्वलोक का एक स्थान । विशेष—कहते हैं कि यह शिला स्वर्गपुरी के ऊपर ४५ लाख योजन लंबी, इतनी ही चौड़ी तथा ८ योजन मोटी है । मोती के श्वेतहार या गोदुग्ध से भी उज्जवल है; सोने के समान दमकती हुई और स्फटिक से भी निर्मल हैं । यह चौदहवें लोक की शिखा पर है और इसके ऊपर शिवपुर धाम है । यहाँ मुक्त पुरुष रहते हैं । यहाँ किसी प्रकार क बंधन या दुःख नहीं हैं ।