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सिधारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिधारना ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ सिधाना]

१. जाना । गमन करना । प्रस्थान करना । बिदा होना । रवाना होना । उ॰—(क) हरि बैकुंठ सिधारे पुनि ध्रुव आए अपने धाम । कीन्हों राज तीस षट वर्षन कीन्हे भक्तन काम ।—सूर (शब्द॰) । (ख) मुदित नयन फल पाइ गाइ गुन सुर सानद सिधारे ।—तुलसी (शब्द॰) । (ग) सूकर श्वान समेत सबै हरिचंद के सत्य संदेह सिधारे ।—केशव (शब्द॰) ।

२. मरना । स्वर्गवास होना । जैसे,—वे तो कल रात्रि में ही सिधार गए । संयो॰ क्रि॰—जाना ।

सिधारना पु † ^२ क्रि॰ स॰ [सिद्ध + करण] दे॰ 'सुधारना' । उ॰—आँगन हीरन साँजि सँवारो । छज्जनि मैं करि दंत सिधारो ।—गुमान (शब्द॰) ।