सिम्पी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सिंपी पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ सीविन् ( = सीनेवाला, दर्जी)] सीवक । छीपी । दर्जी । उ॰—मन मेरी सुई तन मेरो धागा । खेचर जी के चरम पर नाम सिंपी लागा ।—दक्खिनी॰, पृ॰ १८ ।
सिंपी पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ सीविन् ( = सीनेवाला, दर्जी)] सीवक । छीपी । दर्जी । उ॰—मन मेरी सुई तन मेरो धागा । खेचर जी के चरम पर नाम सिंपी लागा ।—दक्खिनी॰, पृ॰ १८ ।