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सियना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सियना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ सृजन] उत्पन्न करना । रचना । उ॰— जेहि बिरंचि रचि सीय सँवरि औ रामहिं ऐसो रूप दियो री । तुलसिदास तेहि चतुर बिधाता निज कर यह संजोग सियो री ।—तुलसी (शब्द॰) ।

सियना † ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ सीवन] दे॰ 'सीना' ।