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सियरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सियरा पु ^१ वि॰ [सं॰ शीतल, प्रा॰ सीअड़] [स्त्री॰ सियरी]

१. ठंढा । शीतल । उ॰—(क) श्याम सुपेत कि राता पियरा अबरण बरण कि ताता सियरा ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) सियरे बदन सूखि गए कैसे । परसत तुहिन तामरस जैसे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. कच्चा ।

३. छाया । छाँह ।

सियरा ^२ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रृगाल, प्रा॰ सिआल] सियार । श्रृगाल ।