सियरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सियरी ^१ वि॰ [सं॰ शीतल] दे॰ 'सियरा' । उ॰—(क) लोचे परी सियरी पर्यंक पै बीती घरीन खरी खरी सोचै ।—पद्माकर (शब्द॰) । (ख) खरे उपचार खरी सियरी सियरे तैं खरोई खरो तन छीजै ।—केशव (शब्द॰) ।
सियरी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ सैरी] तृप्ति । अघाव । शांति । मनस्तोष । तुष्टि । उ॰—मैं तुम्हारा दिल लेने के लिये कहती थी । मर्दों की तो कैफियत यह है कि एक दर्जन भर औरतें हों तो भी उनकी सियरी नहीं होती ।—सैर॰, पृ॰ २५ ।