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सिलपोहनी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिलपोहनी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सिल + पोहना] विवाह की एक रीति । उ॰—सिंदूर बंदन होम लावा होन लागी भाँवरी । सिलपोहनी करि मोहनी मन हरयौ मूरति साँवरी ।—तुलसी (शब्द॰) । विशेष—विवाह में मातृकापूजन के समय वर और कन्या के माता पिता सिल पर थोड़ी सी भिगोई हुई उरद की दाल रखकर पीसते हैं । इसी को 'सिलपोहनी' कहते हैं ।