सिल्ला
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सिल्ला संज्ञा पुं॰ [सं॰ शिल]
१. अनाज की बालियाँ या दाने जो फसल कट जाने पर खेत में पड़े रह जाते हैं और जिन्हें चुनकर कुछ लोग निर्वाह करते हैं । मुहा॰—सिल्ला बीनना या चुनना = खेत में गिरे अनाज के दाने चुनना । उ॰—कबिरा खेती उन लई, सिल्ला बिनत मजूर (शब्द॰) ।
२. खलियान में गिरा हुआ अनाज का दाना ।
३. खलियान में बरसाने के स्थान पर लगा हुआ भूसे का ढेर जिसमें कुछ दाने भी चले जाते हैं ।