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सिहिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सिहिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. एक राक्षसी जो राहु की माता थी । उ॰—जलधि लंघन सिंह सिंहिका मद मथन, रजनिचर नगर उत्पात केतू ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) ललित श्रीगोपाल लोचन स्याम शोभा दून । मनु मयंकहि अंक दीन्ही सिंहिका के सून ।—सूर (शब्द॰) । विशेष—यह राक्षसी दक्षिण समुद्र में रहकर उड़ते हुए जीवों की परछाईं देखकर ही उनको खींचकर खाती थी । इसको लंका जाते समय हनुमान ने मारा था । यौ॰—सिंहिकाचित्तनंदन, सिंहिकातनय, सिंहिकापुत्र, सिंहिकासुत = सिंहिका का पुत्र, राहु ।

२. शोभन छंद का एक नाम । इसके प्रत्येक पद में १४, १० के विराम से २४ मात्राएँ और अंत में जगण होता है ।

३. दाक्षायणी देवी का एक रूप ।

४. टेढे घुटनों की कन्या जो विवाह के अयोग्य कही गई है ।

५. अडूसा ।

६. बनभंटा ।

७. कंटकारी ।