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सीँगी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सीँगी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सींग]

१. हरिन के सींग का बना बाजा जो मुँह से बजाया जाता है । सिंगी । उ॰—सींगी संख सेग डफ बाजे । बंसकार महुआ (अर) सुर साजे ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. वह पोला सींग जिससे जरहि शरीर से दूषित रक्त खींचते हैं । मुहा॰—सींगी लगाना या तोड़ना = (१) सींगी से रक्त खींचना । (२) चुंबन करना । (बाजारू) ।

३. एक प्रकार की मछली जिसके मुँह के दोनों ओर सींग से निकल े रहते हैं । तोमड़ी । उ॰—सींगी भाकुर बिनि सब धरी । जायसी (शब्द॰) ।