सीकर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सीकर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. जलकण । पानी की बूँद । छींटा । उ॰—(क) श्रम स्वेद सीकर गुंड मंडित रूप अंबुज कोर ।— सूर (शब्द॰) । (ख) राम नाम रति स्वाति सुधा सुभ सीकर प्रेम पियासा ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. पसीना । स्वेदकण । उ॰—आनन सीकर सी कहिए धक सोवत ते अकुलाय उठी क्यों ।—केशव (शब्द॰) ।
सीकर पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रृगाल] स्यार । गीदड़ ।
सीकर पु ^३ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ श्रृङ्खला] जंजीर । सिकड़ी । उ॰—भट भट धरे असी कर में चढ़े सीकर सुंडन मैं लसत ।—गि॰ दास (शब्द॰) ।