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सीकुर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सीकुर संज्ञा पुं॰ [सं॰ शूक] गेहूँ, जौ आदि की बाल के ऊपर निकले हुए बाल के से कड़े सूत । शूक । उ॰—गड़त पाँइ जव आइ, बड़ी बिथा सीकुर करत । क्यों न पीर सरसाइ याके हिय भूपति चुभ्यो ।—गुमान (शब्द॰) ।