सामग्री पर जाएँ

सीझना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

सीझना संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सिद्धि, प्रा॰ सिज्झ, हिं॰ सीज, सीझ+ना (प्रत्य॰)]

१. आँच या गरमी पाकर गलना पकना । चुरना । जैसे,—दाल सीझना, रसोई सीझना ।

२. आँच या गरमी से मुला- यम पड़ना । ताव खाकर नरम पड़ना ।

३. सिद्ध होना । उ॰— सबद बिंदौ अबधू सबद बिंदौ सबदे सीझंत काया ।—गोरख॰, पृ॰ ४५ ।

४. सूखे हुए चमड़े का मसाले आदि में भींगकर मुलायम होना ।

५. ताप या कष्ट सहना । क्लेश झेलना ।

६. कायक्लेश सहना । तप करना । तपस्या करना । उ॰— (क) एइ वहि लागि जनम भरि सीझा । चहै न औरहि, ओही रीझा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) गनिका गीध अजामिल आदिक लै कासी प्रयाग कब सीझे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

७. सरदी से गलना । बहुत ठंढ खाना ।

८. ऋण का निबटारा होना ।

९. मिलने के योग्य होना । प्राप्तव्य होना । जैसे,— (क) बयाना हुआ और तुम्हारी दलाली सीझी । (ख) वह मकान रेहन रख लोगे तो १) सैकड़े का व्याज सीझेगा ।