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सुघड़ई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुघड़ई संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सुघड़+ई (प्रत्य॰)]

१. सुंदरता । सुडौल- पन । अच्ची बनावट । उ॰—विषय के भोगों में तृप्त हुए बिना ही उस (राजा) को, अधिक सुघड़ई के कारण विलासिनियों के भोगने योग्य को, वृथा ईर्ष्या करनेवाली जरा ने स्त्रीव्यवहार में असमर्थ होकर भी हरा दिया ।—लक्षमण सिंह (शब्द॰) ।

२. चतुरता । निपुणता । कुशलता । उ॰—इसमें बड़ी बुद्धि और सुघड़ई का काम है ।—ठाकुरप्रसाद (शब्द॰) ।