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सुचितई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुचितई † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सुचित+ई (प्रत्य॰)]

१. सुचित होने का भाव । निश्चिंतता । बेफिक्री । उ॰—(क) इमि देव दुंदुभी हरषि बरसत फूल सुफल मनोरथ भो सुख सुचितई है ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) सुकवि सुचितई पैहै सब ह्वै हैं कबै मरन ।—अंबिकादत्त (शब्व॰) ।

२. एकाग्रता । स्थिरता । शांति ।

३. छुट्टी । फुर्सत । उ॰—ब्रजबासिनु कौ उचित धनु, जो धनु रुचित न कोई । सुचित न आयौ, सुचितई कहौ कहाँ तै होइ ।—बिहारी र॰, दो॰ ५६१ ।