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सुतंञ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुतंञ ^२ क्रि॰ वि॰ स्वतंत्रतापूर्वक । स्वच्छंदतापूर्वक । उ॰—विधि लिख्यो शोधि सुतंत्र । जनु जपाजप के मंत्र ।—केशव (शब्द॰) ।