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सुतल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुतल संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. सात पाताल लोकों में से एक (किसी पुराण के मत से दूसरा और किसी के मत से छठा) लोक । विशेष—भागवत के अनुसार इस पाताल लोक के स्वामी विरोचन के पुत्र बलि हैं । देवीभागवत में लिखा है कि विष्णु भगवान् ने बलि को पाताल भेजकर संसार की सारी संपदा दी थी और स्वयं उसके द्रार पर पहरा देते थे । एक बार रावण ने इसमें प्रवेश करना चाहा था, पर विष्णु भगवान् ने उसे अपने पैर के अँगूठे से हजारों योजन दूर फेंक दिया । विशेष दे॰ 'लोक ^१' ।

२. किसी बड़े भवन की नींव (को॰) ।