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सुनति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुनति † संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ सुन्नत] दे॰ 'सुन्नत' । उ॰—(क) जो तुरुक तुरुकिनी जाया । पेटै काहे न सुनति कराया ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) कासिहु ते कला जाती मथुरा मसीद होती सिवाजी न होते तो सुनति होत सब की ।—भूषण (शब्द॰) ।