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सुपन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुपन † संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्वप्न] दे॰ 'स्वप्न' । उ॰—(क) सुपन सुफल दिल्ली कथा कही चंद बरदाय ।—पृ॰ रा॰, ३ ।५८ । (ख) नित के जागत मिटि गयो वा सँग सुपन मिलाप । चित्र दरशहू कों लग्यों आँखिन आँस पाप ।—लक्ष्मणसिंह (शब्द॰) । (ग) आज मैं निहारे कारे कान्ह कों सुपन बीच उठि कै सकारे जमुना पैं जल कों गई । तबही तें दीनद्याल ह्वै रही मनीखा लटू एरी भटू मेरी भटभेटी मग मैं भई ।—दीनदयाल (शब्द॰) ।