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सुपासी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुपासी वि॰ [हिं॰ सुपास + ई (प्रत्य॰)]

१. सुख देनेवाला । आनंददायक । उ॰—(क) बालक सुभग देखि पुरबासी । होत भए सब तासु सुपासी ।—रघुराज (शब्द॰) । (ख) षोडश भक्त अनन्य उपासी । पयहारी के शिष्य सुपासी । रघुराज (शब्द॰) ।

२. सुखी । सुपास युक्त । सुखयुक्त । उ॰—कहत पुरान रची केशव निज कर करतूति कलासी । तुलसी बसि हरपुरी राम जपु जो भयो तहै सुपासी ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ४६५ ।