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सुप्ताङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुप्तांग संज्ञा पुं॰ [सं॰ सुप्ताङ्ग] वह अंग जिसमें चेष्टा न हो । निश्चेष्ट अंग ।