सुरभानु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सुरभानु पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ सुर=भनु]
१. इंद्र । उ॰— राधे सो रस बरनि न जाइ । जा रस को सुरभानु, शीश दियो, सो तै पियो अकुलाइ । — सूर (शब्द॰) ।
२. सूर्य । उ॰— सुनि सजनी सुरभानु है अति मलान मतिमंद । पूनो रजनी मैं जु गिलि देत उगिलि यह चंद । — श्रृंगार सतसई (शब्द॰) ।