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सुरसादिवर्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुरसादिवर्ग संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैद्यक में कुछ विशिष्ट ओषधियों का एक वर्ग । विशेष—इस वर्ग में तुलसी (सुरसा), श्वेत तुलसी, गंधतृण, गंधेज घास (सुगंधक), काली तुलसी, कसौंधी (कासमर्द), लटजीरा (अपामार्ग), वायबिडंग (बिडंग), कायफल (कट- फल), सम्हालू (निर्गुंडी), बम्हनेटी (भारंगी), मकोय (काकमाची), बकायन (विषमुष्टिक), मूसाकानी (मूषाकर्णी), नीला सम्हालू (नील सिंधुवार), भुई कदंब (भूमी कदंब), नाम की ओषधियाँ आती हैं । वैद्यक के अनुसार यह प्रयोग कफ, कृमि, सर्दी, अरुचि, श्वास, खाँसी आदि का नाश करनेवाला और व्रणशोधक है । इसी नाम से आयुर्वेद में एक दूसरा वर्ग भी है जो इस प्रकार है— सफेद तुलसी, काली तुलसी, छोटे पत्तोंवाली तुलसी, बबई (वर्वरी), मूसाकानी, कायफल, कसौंधी, नकछिकनी (छिक्कनी), सम्हालू, भारंगी, भुईकदंब, गंधतृण, नीला सम्हालू, मीठी नीम (कैडर्य), और अतिमुक्तलता (मालती लता) ।