सुरसुन्दरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सुरसुंदरी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सुरसुन्दरी]
१. अप्सरा, उ॰—सुरसुंदरी करहि कल गाना । सुनत श्रवन छूटहिं मुनि ध्याना ।—मानस १ ।६१ ।
२. दुर्गा ।
३. देवकन्या ।
४. एक योगिनी का नाम ।
सुरसुंदरी गुटिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सुरसुन्दरी गुटिका] वैद्यक के अनुसार वाजीकरण या बलवीर्य बढ़ाने की एक ओषधि । विशेष—यह ओषधि अभ्रक, स्वर्णमाक्षिक, हीरा, स्वर्ण और पारे को सम भाग में लेकर हिज्जल (समुद्रफल) के रस में घोटकर पुटपाक के द्वारा प्रस्तुत की जाती है ।