सुलोक
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हिंदी
[सम्पादित करें]संज्ञा
[सम्पादित करें]सुलोक (उच्चारण: /सुːलोक/)
(लोकप्रिय, ग्रामीण, काव्यात्मक) लोकगीतों, भजनों और मौखिक परंपराओं में प्रयुक्त दो पंक्तियों वाला छोटा काव्यांश। इसे अक्सर गीतों के दो मिलते-जुलते हिस्सों के रूप में गाया जाता है। कभी-कभी इसका अर्थ होता है: दो ऐसे विचार या पंक्तियाँ जो एक-दूसरे के पूरक हों।
लिंग
[सम्पादित करें]पुल्लिंग
व्युत्पत्ति
[सम्पादित करें]संभावित रूप से संस्कृत के "सु" (अच्छा) + "लोक" (कथन, वाक्य) से बना है। कुछ स्थानों पर इसे "श्लोक" (काव्य की पंक्ति) का स्थानीय या ग्रामीण रूप माना जाता है।
उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]लोकगीतों में कई सुलोक गाए जाते हैं।
उस भजन में दो सुलोक हैं जो भावों को स्पष्ट करते हैं।
समानार्थी शब्द
[सम्पादित करें]श्लोक — शास्त्रीय पद्य पंक्ति
दोहा — दो पंक्तियों वाला छंद
कविता — सामान्य काव्य रचना
संबंधित शब्द
[सम्पादित करें]गीत
लोकगीत
भजन