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सुवर्णगिरि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुवर्णगिरि संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. राजगृह के एक पर्वत का नाम । अशोक की एक राजधानी जो किसी के मत से पश्चिमी घाट में थी ।