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सुस

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुस पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ स्वसृ]दे॰ 'सुसा' । उ॰—परी कामवश ताकी सुस जाके मुंड दश कीने हाव भाव चित्त चाव एक बंद सों । दीप सुत नैन दै सुनैनन चलाय रही जानकी निहार मन रही न आनंद सों । हनुमन्नाटक (शब्द॰) ।