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सुसाना

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शब्दसागर

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सुसाना पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰ साँस] सिसकना । उ॰—रामहिं राज्य विदेश बसे सुत सोच कियो यह बात न चंगी । एक उपाय करों सु फिरे मत ह्वै बर बेलेउ माँग सुरंगी । भूषण डारन आँचर लेत है जात सुसात सुपाइन नंगी । दौर चली पिय पै बर माँगत मानहु काल कराल भुजंगी ।—हनुमन्ना- टक (शब्द॰) ।