सुसुपी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सुसुपी पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सुषुप्ति] दे॰ 'सुषुप्ति' । उ॰—सुख दुख हैं मन के धरम महीं आतमा माँहि । ज्यौं सुसुपी मैं द्वंददुख मन बिन भासैं नाहिं । —दीनदयाल (शब्द॰) ।
सुसुपी पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ सुषुप्ति] दे॰ 'सुषुप्ति' । उ॰—सुख दुख हैं मन के धरम महीं आतमा माँहि । ज्यौं सुसुपी मैं द्वंददुख मन बिन भासैं नाहिं । —दीनदयाल (शब्द॰) ।