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सुस्तैन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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सुस्तैन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्वत्य़यन] दे॰ 'स्वत्ययन' । उ॰— पढ़हिं विप्र सुस्तैन चैन भरि मंगल साजु सँवारे । कौशल्या कैकेयी सुमित्रा भूपति सँग बैठारे । बैठे भूपति कनकासन पै करन लगे कुल रीती । गौरि गणेश पूजि पृथिवीपति करी श्राद्ध अस नीती । —रघुराज (शब्द॰) ।