सूच
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]सूच ^२ वि॰ [सं॰ शुचि] निर्मल । पवित्र । (डिं॰) । उ॰—चारि वरण सों हरिजन ऊँचे । भए पवित्तर हरि के सुमिरे । मन के उज्ज्वल मन के सूचे ।—शब्दवर्णन, पृ॰ ३०८ ।
सूच ^२ वि॰ [सं॰ शुचि] निर्मल । पवित्र । (डिं॰) । उ॰—चारि वरण सों हरिजन ऊँचे । भए पवित्तर हरि के सुमिरे । मन के उज्ज्वल मन के सूचे ।—शब्दवर्णन, पृ॰ ३०८ ।