स्रोत

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

  1. निकास स्थान या जहाँ से वह निर्मित हुआ है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

स्रोत ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] झरना । सोता । जलप्रवाह । दे॰ 'स्रोत' ^२ ।

स्रोत ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्रोतस्]

१. पानी का बहाव या झरना । जलप्रवाह । धारा ।

२. नदी ।

३. वैद्यक के अनुसार शरीरस्थ छिद्र या मार्ग जो पुरुषों में प्रधानत ९ और स्रियों में ११ माने गए हैं । इनके द्वारा प्राण, अन्न, जल, रस, रक्त, मांस, मेद, मल, मूत्र शुक्र और आर्तव का शरीर में संचार होना माना जाता है ।

४. वंशपरंपरा । कुलधारा ।

५. ऊर्मि । तरंग । लहर (को॰) ।

६. जल (को॰) ।

७. ज्ञानेंद्रिय (को॰) ।

८. हाथी की सूँड़ (को॰) ।

९. तीव्र गति या वेग (को॰) ।

१०. पशुओं के शरीर का छेद (को॰) ।

११. गति । गमन (को॰) ।