स्वच्छन्द

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

स्वच्छंद ^१ वि॰ [सं॰ स्वच्छन्द]

१. जो किसी दूसरे के नियंत्रण में न हो और अपनी ही इन्छा के अनुसार सब कार्य करे । स्वाधीन । स्वतंत्र । आजाद । उ॰—(क) सबहि भाँति अधिकार लहि अभिमानी नृप चंद । नहिं सहिहै अपमान सब, राजा होइ स्वच्छंद ।—हरिश्चंद्र (शब्द॰) । (ख) सुख सों ऐसो मोद रमै रीतें मन माहीं । विघ्न, ईरषा, अवधि रहित स्वच्छंद सदाहीं ।—श्रीधर (शब्द॰) । (ग) "कुतुबुद्दीन ऐबक के समय तक यह स्वच्छंद राज्य था ।—बालकृष्ण (शब्द॰) ।

२. अपने इच्छ नुसार चलनेवाला । मनमाना काम करनेवाला । निरंकुश ।

३. (जंगलों आदि में) अपने आपसे होनेवाला । जंगली (पौधा या वनस्पति) ।

स्वच्छंद ^२ संज्ञा पुं॰

१. स्कंद का एक नाम ।

२. अपना मनोरथ । अपनी पसंद (को॰) ।

स्वच्छंद ^३ क्रि॰ वि॰ मनमाना । बेधड़क । निर्द्वद । स्वतंत्रतापूर्वक । उ॰—(क) बालक रूप ह्वै के दसरथसुत करत केलि स्वच्छंद ।—सूर (शब्द॰) । (ख) इस पर्वत की रम्य जटी में मैं स्वच्छंद विचरता हूँ ।—श्रीधर (शब्द) ।