हजरत

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

हजरत संज्ञा पुं॰ [अ॰ जहरत]

१. महात्मा । महापुरुष । जैसे,— हजरत मुहम्मद ।

२. अत्यंत आदर का संबोधन । महामान्य ।

३. चालाक या धूर्त व्यक्ति । नटखट या खोटा आदमी । (व्यंग्य) । जैसे—आप बड़े हजरत हैं, यों झगड़ा । लगाया करते हैं ।

४. समीपता । सामीप्य (को॰) ।

५. गोष्ठी । मजलिस । सभा । दरबार (को॰) ।

६. अत्यंत आदरणीय व्यक्ति । उ॰—ता महि तुम हजरत की बाला ।—ह॰ रासो, पृ॰ ४० ।

हजरत सलामत संज्ञा पुं॰ [अ॰ हज़रत सलामत]

१. बादशाहों या नवाबों के लिए संबोधन का शब्द ।

२. बादशाह । यौ॰—हजरतसलामत पसंद = जो बादशाह को प्रिय या पसंद हो ।