मन

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मन एव मनुष्याणां कारणं बंध मोक्षयोः अतः बंध एवं मोक्ष का कारण केवल मन हैं । मन प्रबल हैं और मनसे ही सर्व कार्य सिद्ध होते हैं । यद्यपि, मन स्थिर होना अति दुष्कर हैं । स्थिर मन - स्थित प्रज्ञता । जीवत्व से शिवत्वकी प्राप्तिकी चावी मन की प्रशान्तता ही हैं ।