विक्षनरी:हिन्दी–हिन्दी शब्दकोश/आ

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शब्द व्याकरण-१ व्या-२ व्या-३ व्या-४ व्या-५ अर्थ-१ अर्थ-२ अर्थ-३ अर्थ-४ अर्थ-५
आंकड़े पुलिंग - - - - वे अंक जो कोई पक्ष या स्थिति सूचित करते हैं, (स्टैटिस्टिक्स)। - - - -
आंकना सकारात्मक क्रिया सकारात्मक क्रिया - - - अनुमान लगाना; अंकित करना (चित्र, रूपरेखा आदि)। - - -
आंखमिचौनी स्त्रीलिंग - - - - बच्चों का एक खेल, लुका-छिपी। - - - -
आंगन पुलिंग - - - - घर कें अंदर या सामने का वह खुला चौकोर स्थान जिस पर छत न हो, सहन, चौक। - - - -
आंचल पुलिंग - - - - पल्ला, छोर, सिरा। - - - -
आंतरिक विशेषण विशेषण - - - अंदर का, भीतरी; अंत: करण से प्रेरित, सच्चा, वास्तविक। - - -
आंदोलन पुलिंग - - - - किसी उद्देश्य के लिए किया जाने वाला व्यापक तथा सामूहिक प्रयास। - - - -
आंधी स्त्रीलिंग - - - - धूल भरी ज़ोर की हवा, अंधड़। - - - -
आंशिक विशेषण विशेषण - - - अंश या भाग से संबंध रखने वाला; केवल अंश या भाग के रूप में होना, कुछ या थोड़ा, अपूर्ण। - - -
आंसू पुलिंग - - - - आंखो की अश्रुग्रंथि से ग्रवित जल की बूंदें, अश्रु। - - - -
आकर्षक विशेषण विशेषण - - - अपनी ओर खींचने वाला; प्रभावित या मोहित करके अपनी ओर ध्यान खींचने वाला। - - -
आकर्षण पुलिंग - - - - अपनी ओर खींचने का भाव। - - - -
आकस्मिक विशेषण - - - - अकस्मात् अप्रत्याशित रूप या एकाएक घटित होने या सामने आने वाला, अचानक। - - - -
आकार पुलिंग पुलिंग - - - बाहरी रेखाओं का वह विन्यास जिससे किसी पदार्थ, विषय या व्यक्ति के रूप का ज्ञान या परिचय होता है, आकृति, शक्ल; किसी वस्तु या व्यक्ति की लंबाई-चौड़ाई, फैलाव, ऊंचाई आदि (साइज़)। - - -
आकाश पुलिंग - - - - नभ, गगन, आसमान। - - - -
आकाशवाणी स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - देवता या ईश्वर की ओर से कही हुई या आकाश से सुनाई पड़ने वाली वाणी; आल इंडिया रेडियो का नाम। - - -
आकृति स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - वस्तु या व्यक्ति का चित्र, भावभंगी प्रकट करने वाली मुद्रा; रूप, गठन, चेहरा। - - -
आक्रमण पुलिंग - - - - प्रहार, हमला। - - - -
आक्षेप पुलिंग - - - - लांछन, व्यंग्यपूर्ण दोषारोपण। - - - -
आखिर पुलिंग पुलिंग विशेषण - - अंत, समाप्ति; परिणाम। बाद में या पीछे होने वाला। - -
आखेट पुलिंग - - - - मृगया, शिकार। - - - -
आगंतुक पुलिंग - - - - अभ्यागत, अतिथि, पाहुना। - - - -
आग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - अग्नि; जलन, डाह, संताप। - - -
आगमन पुलिंग - - - - आने, पहुंचने या नए सिरे से प्रगट होने की क्रिया या भाव। - - - -
आगामी विशेषण - - - - भविष्य में आने या होने वाला, भावी। - - - -
आगे क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण - - पहले या सामने, किसी की उपस्थिति में; भविष्य में। कुछ दूर और बढ़ने पर। - -
आग्रह पुलिंग पुलिंग - - - नम्रतापूर्वक बल देना, अनुरोध; किसी बात पर अड़ते हुए ज़ोर देना, हठ। - - -
आधात पुलिंग पुलिंग - - - प्रहार या चोट; किसी दुखद घटना के कारण होने वाली मानसिक व्यथा। - - -
आचरण पुलिंग - - - - चाल-चलन, चरित्र। - - - -
आचार्य पुलिंग पुलिंग पुलिंग - - गुरु, शिक्षक; विश्वविद्यालय के किसी विभाग के वरिष्ठतम पद पर कार्य करने वाला अघ्यापक; किसी विषय का असाधारण पंडित। - -
आज क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण पुलिंग - - वर्तमान दिन में; इन दिनों में, इस काल में। प्रस्तुत या वर्तमान दिन! - -
आजकल क्रिया विशेषण क्रिया विशेषण - - - इन दिनों, वर्तमान काल में। वर्तमान या प्रस्तुत दिनों में, एक-दो दिन में। - - -
आज़ाद विशेषण - - - - स्वाधीन, मुक्त, स्वतन्त्र। - - - -
आजीवन क्रिया विशेषण - - - - जीवन भर। - - - -
आजीविका स्त्रीलिंग - - - - रोज़ी, रोज़गार, धंधा। - - - -
आज्ञा स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - आदेश, हुक्म; अनुमति। - - -
आडंबर पुलिंग - - - - दिखावा, दिखावटी ठाट-बाट। - - - -
आढ़तिया पुलिंग - - - - दूसरे का माल कमीशन लेकर बिकबा देने वाला, आढ़त का काम करने वाला। - - - -
आतिशबाज़ी स्त्रीलिंग - - - - बारूद, गंधक, शोरे आदि से बनी चीज़ों के जलाने का तमाशा जिसमें रंग-बिरंगी चिनगारियां निकलती हैं। - - - -
आतुर विशेषण विशेषण - - - अधीर, उतावला; विकल, बेचैन। - - -
आत्म-कथा स्त्रीलिंग - - - - अपना लिखा जीवन-चरित। - - - -
आत्म-रक्षा स्त्रीलिंग - - - - अपना बचाव। - - - -
आत्मविश्वास पुलिंग - - - - अपने पर विश्वास या भरोसा। - - - -
आत्मसमर्पण पुलिंग पुलिंग - - - अपने आपको किसी के हाथ में सौंपना; हथियार डाल देना। - - -
आत्म-हत्या स्त्रीलिंग - - - - अपने हाथों अपना वध, आत्मघात। - - - -
आत्मा स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - शरीर में रहकर उसे जीवित रखने वाली अविनाशी, अभौतिक शक्ति, जीवात्मा; किसी वस्तु आदि का गूढ़, मूल तथा सार भाग। - - -
आदत स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - प्रकृति, स्वभाव; बान, टेव। - - -
आदमी पुलिंग पुलिंग - - - मनुष्य, मानस; वयस्क और प्रौढ़ व्यक्ति। - - -
आदर पुलिंग पुलिंग - - - सम्मान, सत्कार; पूज्य भाव। - - -
आदरणीय विशेषण - - - - आदर-योग्य। - - - -
आदर्श विशेषण, पुलिंग विशेषण, पुलिंग - - - अनुकरणीय, श्रेष्ठ; नमूना, बानगी। - - -
आदान-प्रदान पुलिंग - - - - लेन-देन। - - - -
आदि पुलिंग विशेषण अव्यय - - मूल। पहला। इसी प्रकार और या बाकी सब भी, इत्यादि, वगैरह। - -
आदिवासी पुलिंग पुलिंग - - - किसी देश का मूल निवासी; जनजाति का सदस्य। - - -
आदेश पुलिंग - - - - आज्ञा, हुक्म। - - - -
आद्यक्षर पुलिंग - - - - (कई पदों वाले) नाम के प्रत्येक पद का आरम्भिक अक्षर जो प्राय: हस्ताक्षर करने आदि के लिए प्रयुक्त होता है (इनीशियल)। - - - -
आधा विशेषण - - - - वस्तु के दो समान भागो में से प्रत्येक। - - - -
आधार पुलिंग पुलिंग - - - नीचे की वह वस्तु जिसके ऊपर कोई दूसरी वस्तु टिकी या रखी हो; कारण। - - -
आधारभूत विशेषण - - - - आधार रूप में स्थित, मूलभूत। - - - -
आधिकारिक विशेषण - - - - अधिकारपूर्वक कहा या किया हुआ। - - - -
आधुनिक विशेषण - - - - आजकल का, वर्तमान काल क़ा। - - - -
आध्यात्मिक विशेषण - - - - आत्मा और ब्रह्म से सम्बन्ध रखने वाला। - - - -
आनंद पुलिंग पुलिंग - - - हर्ष, खुशी; मौज। - - -
आना अकारात्मक क्रिया अकारात्मक क्रिया - - - आगमन, होना, एक जगह से चल कर दूसरी जगह पहुंचना; ज्ञान या जानकारी होना। - - -
आप सर्वनाम सर्वनाम - - - स्वयं, स्वत:, खुद; 'तुम' या 'वे' के स्थान पर प्रयुक्त आदरसूचक शब्द। - - -
आपसी विशेषण - - - - आपस का, पारस्परिक। - - - -
आभार पुलिंग - - - - एहसान, किसी के उपकार के लिए प्रकट की जाने वाली कृतज्ञता। - - - -
आभास पुलिंग पुलिंग - - - झलक, छाया; मिथ्याप्रतीति, भ्रम। - - -
आभूषण पुलिंग - - - - अलंकार, गहनें, जेवर। - - - -
आमुख पुलिंग - - - - प्रस्तावना, भूमिका। - - - -
आमोद-प्रमोद पुलिंग - - - - जो काम केवल चित्त प्रसन्न करने और मन बहलाने के लिए किए जाते हैं। - - - -
आय स्त्रीलिंग - - - - पारिश्रमिक, लाभ आदि के रूप में प्राप्त धन, आमदनी। - - - -
आयकर पुलिंग - - - - राज्य की ओर से लोगों की आय पर लगने वाला कर। - - - -
आयत विशेषण पुलिंग - - - लम्बा-चौड़ा विस्तृत, विशाल। चार भुजाओं वाला वह क्षेत्र जिसकी आमने-सामने की भुजाएं समानांतर हों और चारों कोण समकोण हों। - - -
आया स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - घाय, दाई, बच्चों को दूध पिलाने और उनकी देखभाल करने वाली स्त्री। आना क्रिया का भूतकालिक रूप। - - -
आयात स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - व्यापार के लिए विदेश से माल मंगाने की क्रिया; विदेश सें मंगाया हुआ माल। - - -
आयाम पुलिंग - - - - लंबाई, विस्तार। - - - -
आयुष्मान् विशेषण - - - - दीर्घजीवी, चिरंजीवी। - - - -
आयोजक विशेषण - - - - प्रबन्ध या आयोजन करने वाला। - - - -
आरंभ पुलिंग - - - - शुरू, श्रीगणेश। - - - -
आरती स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - देवपूजन के समय घी का दीया, धूप आदि जला कर बार-बार घुमाते हुए सामने रखना, नीराजन; देवता की आरती के समय पढ़ा जाने वाला स्तोत्र; उक्त क्रिया के लिए घी और रुई की बत्ती रखने का पात्र। - -
आराम पुलिंग पुलिंग - - - सुख, चैन, विश्राम; रोग कम होने या दूर होने की अवस्था। - - -
आरोप पुलिंग पुलिंग - - - किसी के संबंध में यह कहना कि उसने अ़मुक अनुचित या नियम-विरूद्ध कार्य किया है, इलज़ाम; ऊपर या कहीं से लाकर बैठाना या लगाना। - - -
आरोह पुलिंग पुलिंग पुलिंग - - ऊपर चढ़ना, सवार होना; नीचे से ऊपर की ओर जाना या बढ़ना; संगीत में स्वरों का चढ़ाव। - -
आर्थिक विशेषण - - - - रुपये-पैसे, आय-व्यय आदि से संबंधित। - - - -
आर्द्र विशेषण - - - - गीला, तर, नम। - - - -
आलंब पुलिंग - - - - सहारा, आधार। - - - -
आलंबन पुलिंग - - - - आधार, सहारा, आश्रय। - - - -
आलसी विशेषण - - - - सुस्त, काहिल। - - - -
आलस्य पुलिंग - - - - काम करने की अनिच्छा, सुस्ती, शिथिलता। - - - -
आला पुलिंग पुलिंग पुलिंग - - दीवार में थोड़ा-सा खाली छोड़ा हुआ स्थान जिसमें छोटी-मोटी चीजें रखीं जाती है, ताक; कारीगरों के काम करने के कोई उपकरण, औज़ार; ऊंचे दर्जे का, बढ़िया, श्रेष्ठ, बड़ा। - -
आलोक पुलिंग - - - - प्रकाश, रोशनी। - - - -
आलोचक पुलिंग - - - - गुण-दोष आदि का विवेचन, करने वाला, समीक्षक। - - - -
आलोचना स्त्रीलिंग - - - - गुण-दोषों का निरूपण या विवेचन, समीक्षा। - - - -
आवभगत स्त्रीलिंग - - - - किसी के आने पर किया जाने वाला आदर-सत्कार, आतिथ्य। - - - -
आवरण पुलिंग पुलिंग पुलिंग - - परदा; ढक्कन; वह कपड़ा, कागज आदि जिसमें कोई चीज लपेटी जाए। - -
आवश्यक विशेषण - - - - जिसके बिना काम न चल सकता हो, ज़रूरी। - - - -
आवश्यकता स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - ऐसी स्थिति जिसमें किसी चीज या बात के बिना काम चल ही न सकता हो, जरूरत; आवश्यक होने की क्रिया या भाव। - - -
आवागमन पुलिंग पुलिंग - - - आना-जाना; जनम-मरण का चक्र। - - -
आवारा पुलिंग, विशेषण पुलिंग, विशेषण - - - इधर-उधर बेकार घूमने-फिरनेवाला; अवांछनीय आचरणवाला, लफंगा। - - -
आवास पुलिंग - - - - निवासस्थान। - - - -
आवाहन पुलिंग पुलिंग - - - अपने पास बुलाने की क्रिया या भाव; पूजन के समय किसी देवता को मंत्र द्वारा बुलाने की क्रिया। - - -
अविष्कार पुलिंग - - - - ईजाद (इन्वेन्शन)। - - - -
आवृत्ति स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - बार-बार होने की क्रिया या भाव; पुस्तक आदि का उसी रूप में फिर छापना। - - -
आवेग पुलिंग पुलिंग - - - प्रबल मनोवेग, जोश; बिना सोचे-विचारे कुछ कर बैठने की अन्त:प्रेरणा। - - -
आवेदन पुलिंग - - - - निवेदन, प्रार्थना। - - - -
आशय पुलिंग - - - - अभिप्राय, तात्पर्य, इरादा। - - - -
आशा स्त्रीलिंग - - - - उम्मीद। - - - -
आशीर्वाद पुलिंग - - - - मंगल कामना के लिए बड़ों द्वारा कहे गए शुभवचन, आशिष, दुआ। - - - -
आश्रय पुलिंग पुलिंग - - - शरण, ठिकाना; सहारा, अवलंब। - - -
आश्वासन पुलिंग पुलिंग - - - किसी का कोई काम पूरा करने के लिए दिया जानेवाला वचन; कष्ट में पड़े हुए व्यक्ति को दिलासा या धैर्य देना। - - -
आसन पुलिंग पुलिंग - - - बठने का कोई विशिष्ट ढंग, प्रकार या मुद्रा; कुश या कपड़े आदि का बना हुआ चौकोर टुकड़ा जिस पर बैठते हैं। - - -
आसान विशेषण - - - - सरल, सुगम। - - - -
आस्तिक विशेषण विशेषण - - - जिसका ईश्वर, परलोक, पुनर्जन्म आदि में विश्वास हो; धर्मनिष्ठ। - - -
आस्था स्त्रीलिंग - - - - विश्वासपूर्ण भावना। - - - -
आस्वादन पुलिंग पुलिंग - - - स्वाद लेना, चखना; रसास्वादन (कविता आदि का)। - - -
आहट स्त्रीलिंग - - - - हल्की आवाज। - - - -
आहार पुलिंग - - - - खाद्य पदार्थ, भोजन। - - - -
आहुति स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग - - - यक्ष या हवन करते समय सामग्री को अग्नि में डालने की क्रिया; हवन में हर बार डाली जाने वाली सामग्री की मात्रा। - - -