बारह

विक्षनरी से
(12 से पुनर्निर्देशित)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी[सम्पादन]

विशेषण[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

  1. संख्या १२

अनुवाद[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बारह ^१ वि॰ [सं॰ द्वादश, प्रा॰ बारस, अप॰ बारह] [वि॰ बारहवा] जो संख्या में दस और दा हो । उ॰— जहँ बारह मास बसंत होय । परमारथ बूझँ बिरला कोय ।— कबीर (शब्द॰) । मुहा॰— बारह पानी का=बारह बरस का सूअर । बारह बच्चे वाली=सूअरी । वारह बाट=इधर उधर । उ॰— बारहबटै बहत हैं, दरिया जगत औ भेष । तू बहता सँग मत बहै रहता साहब देख ।— दरिया॰, बानी॰, पृ॰ ३२ । बारह बा ठ करना= तितर बितर या छिन्न भिन्न करना । इधर उधर कर देना । बारह बाट घालना=छिन्न भिन्न करना । तितर बितर या नष्ट भ्रष्ट करना । उ॰— मोहि लगि यह कुठाट तेनि ठाटा । घालोसि सब जग बारहबाटा ।—तुलसी (शब्द॰) । बारह बाट जाना=(१) तितर बितर होना । छिन्न भिन्न होना । उ॰— मन बदले भवसिंधु ते बहुत लगाए घाट । मनही के घाले गए वहि घर बारहबाट ।— रसनिधि (शब्द॰) । (२) नष्ट भ्रष्ट होना । उ॰— (क) लंक असुभ चलति हाट बाट घर घाट । रावन सहित समाज अब जाइहि बारहबाट ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) राज करत बिनु काजहीं ठटहीं जे ठाट कुठाट । तुलसी ते कुरुराज ज्यों जैहैं बारहबट ।—तुलसी (शब्द॰) । बारह बाट होना=तितर बितर होना । नष्ट होना । उ॰—प्रथम एक जे हौं किया भया सो वारहबाट । कसत कसौटी ना टिका पीतर भया निराट ।—कबीर (शब्द॰) ।

बारह ^२ संज्ञा पुं॰

१. बारह की संख्या ।

२. बारह का अंक जो इस प्रकार लिखा जाता है—१२ ।

बारह आना संज्ञा पुं॰ [हिं॰] तीन चोथाई । पचहत्तर प्रतिशत । उ॰— हमारे आनंद बारह आने क्लेश ही हो जायँ तो क्या ?—चिंतामणि, भा॰ २, पृ॰ ५० ।

बारह मुकाम संज्ञा पुं॰ [फा॰] ईरानी संगीत के १२ स्थान या पदें ।

यह भी देखिए[सम्पादन]